Posted by: विजय सारस्वत on: February 16, 2009
भू-माफियाओं के मकड़जाल में चूरु शहर अनेक वर्षों पहले चूरु में पेयजल की समस्या वहुत ज्यादा थी, उसे देखते हुए भामाशाहों ने अनेक जौहड़ों, गऊघाट व कुओं का निर्माण करवाकर उदारता का परीचय दिया। इसी कड़ी में जौहरी सागर के पास भावसिंका परिवार ने एक कुआं का निर्माण करवाया जिसका पानी शक्कर कुई के नाम से प्रसिद्धि मिली। लेकिन समय बदला जिसके साथ भू-माफियों की नजर इसकी भूमि पर पड़ी। इसकी सारण पर भू-माफियों ने धर्म कांटा का निर्माण करवाकर सभी को सकते में डाल दिया। भू-माफिया पैसे व ड़डे के जोर पर शहर में भामाशाहों द्वारा निर्मित जनहित में बनाई गई बगीची जो गोगा मेड़ी के मेला स्थल के पास स्थित हैं इसी प्रकार सुभाष चौक पर एक धार्मिक भूमि पर अतिक्रमण कर काम्पलेक्स का निर्माण करवाया गया। चूरु हैरीटेज सिटी होने के बावजूद यहां भू-माफियाओं द्वारा भित्ति-चित्रों युक्त छत्तरियों को तोड़कर उस मुक्तिधाम पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिसको शहर के अनेक जागरुक-गणों ने कब्जा मुक्त करवाया। जिस तरह से भू-माफियाओं का फैलता मकड़जाल में अनेक प्रभावशाली कुर्सियों पर इनके नूमाइन्दे बैठे हैं, इन्हें बचाने का हर सम्भव प्रयास करते हैं और इनके विरुद्ध बोलने वाले को बदनाम करने के लिये पेम्पलेटों का सहारा लिया जाता है, जिससे उनके विरुद्ध बोलने वाला कोई न हो। अनेक भू-माफियाओं की नजर अनेक भूमियों पर टिकी हुई है। अगर यही हाल रहा तो प्रभावशाली लोगों से मिली भगत में शहर की खरबों रुपये की अनेक भूमि इन लोगों के हत्थे चढ़ जायेगी और आमजन देखता रह जायेगा। राजस्थान में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री ही चूरु को भू-माफियाओं से आजाद करवा सकते हैं।